आलोक तोमर को लोग जानते भी हैं और नहीं भी जानते. उनके वारे में वहुत सारे किस्से कहे जाते हैं, ज्यादातर सच और मामूली और कुछ कल्पित और खतरनाक. दो बार तिहाड़ जेल और कई बार विदेश हो आए आलोक तोमर ने भारत में काश्मीर से ले कर कालाहांडी के सच बता कर लोगों को स्तब्ध भी किया है तो दिल्ली के एक पुलिस अफसर से पंजा भिडा कर जेल भी गए हैं. वे दाऊद इब्राहीम से भी मिले हैं और रजनीश से भी. वे टी वी, अखबार, और इंटरनेट की पत्रकारिता करते हैं.

Monday, May 19, 2008

इंटरनेट पर चली पतित राजनीति



राहुल गांधी पर घिनौने आरोप

आलोक तोमर
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 19 मई-अमेरिका की एक अरबपति इंटरनेट कंपनी ने पूरी दुनिया में यह कुप्रचार फैलाया हुआ है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके दोस्तों ने अमेठी में लगभग ढाई साल पहले एक युवती से सामूहिक बलात्कार किया था। पता नहीं किन कारणों से इस इंटरनेट कंपनी की वेबसाइट को न भारत में प्रतिबंधित किया गया और न इसके खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। यू टयूब नाम की यह कंपनी अमेरिका में रजिस्टर्ड है और कुछ ही समय पहले गूगल्स ने बहुत मोटी रकम दे कर इसे खरीदा है। निशुल्क वीडियो दिखाने और किसी के भी वीडियो अपनी साईट पर होस्ट करने वाली इस कंपनी के संस्थापकों में जावेद मीर नाम का एक बांग्लादेशी भी है जो 1992 में अपने देश से भाग कर अमेरिका चला गया था। यू टयूब पर मौजूद वीडियो में छह वीडियो मौजूद हैं जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत बलात्कारियों का देश है और राहुल गांधी ने 3 दिसंबर 2006 को संयुक्ता नाम की एक युवती के साथ अपने कुछ विदेशी दोस्तों के साथ मिल कर शराब पिला कर बलात्कार किया और चुप रहने के लिए 50 हजार रुपए देने की पेशकश भी की। संयुक्ता के पिता का नाम बलराम सिंह और मां का नाम सुमित्रा देवी बताया गया है और वेबसाइट पर भारतीय कानून के खिलाफ बलात्कार की कथित शिकार महिला की तस्वीर भी प्रकाशित की गई। विचित्र बात यह है कि वेबसाइट में चश्मदीद गवाहों के तौर पर कुछ लोगों के बयान भी दिखाए गए हैं लेकिन उनके चेहरे नहीं दिखाए गए। इरादों का खतरनाक होना इसी बात से जाहिर है कि वेबसाइट ने किसी भी तथाकथित प्रत्यक्षदर्शी का नाम तक नहीं जाहिर किया। यह झूठी सूचनाएं वेबसाइट पर प्रकाशित करते वक्त बहुत जोर शोर से राहुल गांधी को देश का भावी प्रधानमंत्री भी घोषित किया गया है जिससे अपने आप जाहिर हो जाता है कि यह षडयंत्र उनके राजनैतिक दुश्मनों का है। कांग्रेस ने अपनी ओर से एक और वेबसाइट जिस पर यह सामग्री उपलब्ध थी, को कानूनी नोटिस भेज कर काम चला लिया है। यह दूसरी वेबसाइट थी अमेरिका में रजिस्टर्ड है और नोटिस भेजने वाले प्रसिध्द वकील और कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघ्वी के नीति मार्ग स्थित कार्यालय से सिर्फ यह जवाब मिला कि श्री सिंघ्वी लंदन में हैं और उनके जिस सहयोगी जॉय बोस ने नोटिस भेजा था वे उपलब्ध नहीं है। कमाल की बात यह है कि एक विदेशी वेबसाइट भारत के एक होनहार सांसद के चरित्र पर कीचड उछालती है और उसके खिलाफ भारत में एफआईआर भी दर्ज नहीं की जाती। यू टयूब से वीडियो उठा कर प्रकाशित करने वाली वेबसाइट को नोटिस भेजा जाता है और मूल वेबसाइट भारत में धडल्ले से चलती रहती है। यू टयूब अपनी इन हरकतों की वजह से कई देशों में प्रतिबंधित कर दी गई है और इस पर भारतीय फिल्मों तथा अश्लील दृश्यों की भरमार है। अभिषेक मनु सिंघ्वी भारत के अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके हैं और संयोग से शासन करने वाली पार्टी के प्रवक्ता है लेकिन अपनी ही पार्टी के नेता राहुल गांधी के अपमान के खिलाफ उन्होंने कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की। वेबसाइट के अनुसार यह लडकी इसका परिवार और वीडियो रिकॉर्ड करने वाले पत्रकार सभी लापता हैं और शायद उनकी हत्या कर दी गई है। यह अलग बात है कि देश के किसी भी थाने में इस बारे में कोई रपट दर्ज नहीं है। मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग दोनों में भी शिकायत की गई बताई गई है लेकिन इस शिकायत का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

2 comments:

Suresh Chiplunkar said...

सर जी यह बहुत पुरानी खबर है, मैंने कोई तथ्य न पाये जाने के कारण अपने ब्लॉग पर स्टोरी नहीं बनाई, वरना मुझे भी "हिन्दूवादी" करार दे दिया जाता (जो कि अब जाकर किया गया है):) :) :)

अजित वडनेरकर said...

हुम्म। पढ़ी हुई सी लग रही है।